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जयंती / पुण्यतिथि

यह धारणा आम हो गई है कि आज की युवा पीढ़ी साहित्य से दूर होती जा रही है। लेकिन यदि गहराई से देखा जाए तो यह दूरी साहित्य से नहीं, बल्कि उसके पारंपरिक रूपों से है। युवा आज भी लिख रहा है, पढ़ रहा है और प्...

डिजिटल युग ने मानव जीवन के हर क्षेत्र को प्रभावित किया है और साहित्य भी इससे अछूता नहीं रहा। हिंदी साहित्य, जो कभी पत्रिकाओं, पुस्तकों और साहित्यिक सभाओं तक सीमित माना जाता था, आज डिजिटल प्लेटफॉर्म के...

आज हिंदी साहित्य के एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्तंभ आचार्य शिवपूजन सहाय की पुण्यतिथि है। उनका निधन 21 जनवरी 1963 को हुआ था। वे हिंदी साहित्य के ऐसे मनीषी रचनाकार थे, जिन्होंने भाषा, साहित्य और पत्रकारिता –...