
शब्दों की यात्रा : पटरियों पर दौड़ता साहित्य भारतीय रेल केवल यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक नहीं पहुँचाती, बल्कि वह भारत की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और साहित्यिक चेतना को भी अपने साथ लेकर चलती है...
यह धारणा आम हो गई है कि आज की युवा पीढ़ी साहित्य से दूर होती जा रही है। लेकिन यदि गहराई से देखा जाए तो यह दूरी साहित्य से नहीं, बल्कि उसके पारंपरिक रूपों से है। युवा आज भी लिख रहा है, पढ़ रहा है और प्...



