
डिजिटल माध्यमों के विस्तार ने हिंदी साहित्य के परिदृश्य को एक नई दिशा दी है। पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन पाठ-मंचों, साहित्यिक पोर्टलों और स्वतंत्र डिजिटल पत्रिकाओं के माध्यम से बड़ी संख्या में युवा रच...
यह धारणा आम हो गई है कि आज की युवा पीढ़ी साहित्य से दूर होती जा रही है। लेकिन यदि गहराई से देखा जाए तो यह दूरी साहित्य से नहीं, बल्कि उसके पारंपरिक रूपों से है। युवा आज भी लिख रहा है, पढ़ रहा है और प्...



